उज्जैन टाइम्स ब्यूरो
QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2027 भारत की विकास यात्रा में एक अहम विरोधाभास को दिखाता है। जहाँ भारत AI-आधारित भविष्य के लिए आर्थिक क्षमता में दुनिया में पहले नंबर पर है और डिजिटल स्किल्स के मामले में दूसरे स्थान पर है, वहीं टैलेंट की तैयारी के मामले में इसका प्रदर्शन काफी कम है – वर्कफोर्स की तैयारी में 74वें और ह्यूमन कैपिटल में 73वें स्थान पर है।
मुख्य बातें
· कुल रैंक: 89, अर्थव्यवस्थाओं में 13वीं: कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन
· आर्थिक क्षमता पहली: AI-आधारित विकास से लाभ उठाने की सबसे ज़्यादा क्षमता
· डिजिटल स्किल्स की पहुंच: दूसरीडिजिटल क्षमताओं को बड़े पैमाने पर अपनाना
· वर्कफोर्स की तैयारी: 74वींनौकरी के लिए तैयार टैलेंट में बड़ा अंतर
· ह्यूमन कैपिटल: 73वींबेहतर शिक्षा और स्किलिंग नतीजों की ज़रूरत
रिपोर्ट का मतलब
भारत के पास आर्थिक विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लाभ उठाने का दुनिया का सबसे बड़ा मौका है; रिपोर्ट का अनुमान है कि 2030 तक AI-आधारित आर्थिक अवसर 500 बिलियन डॉलर का हो सकता है। हालाँकि, इस क्षमता को हासिल करना देश की इन अंतरों को पाटने की क्षमता पर निर्भर करेगा:
• आर्थिक विकास और वर्कफोर्स की तैयारी
• डिजिटल अपनाना और एडवांस्ड स्किल डेवलपमेंट
• शैक्षणिक योग्यता और इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी क्षमताएं
रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि भविष्य में प्रतिस्पर्धा की क्षमता सिर्फ़ टेक्नोलॉजी अपनाने से तय नहीं होगी, बल्कि ऐसे वर्कफोर्स की उपलब्धता से तय होगी जो AI सिस्टम के साथ काम करने में सक्षम हों।
वैश्विक स्थिति
भारत दुनिया भर में 13वें स्थान पर है, जो कई एडवांस्ड अर्थव्यवस्थाओं से आगे है और सभी निम्न-मध्यम-आय वाले देशों और दक्षिण एशियाई देशों में सबसे आगे है। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले देश हैं:
संयुक्त राज्य अमेरिका/ ऑस्ट्रेलिया/ यूनाइटेड किंगडम/ जर्मनी/ कनाडा
एशियाई देशों में, दक्षिण कोरिया (छठा), चीन (सातवां), सिंगापुर (12वां), भारत (13वां) और जापान (15वां) वैश्विक टॉप 15 में शामिल हैं।
भारत के लिए रणनीतिक मायने : निष्कर्ष बताते हैं कि भारत को इन चीज़ों को प्राथमिकता देनी चाहिए:
• बड़े पैमाने पर वर्कफोर्स की री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग
• इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच सहयोग
• AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी की शिक्षा
• वोकेशनल और रोज़गार-केंद्रित ट्रेनिंग
• मौजूदा कर्मचारियों के लिए लगातार सीखने के प्रोग्राम
भारत के सामने चुनौती अब आर्थिक अवसर पैदा करने की नहीं है – बल्कि ऐसे वर्कफोर्स को तैयार करने की है जो उस अवसर का लाभ उठा सके। AI के दौर के लिए देश की आर्थिक नींव सबसे मज़बूत है, लेकिन जब तक वर्कफ़ोर्स की तैयारी और ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट तेज़ी से बेहतर नहीं होते, तब तक AI से मिलने वाले फ़ायदों का एक बड़ा हिस्सा हासिल नहीं हो पाएगा।
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