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खेत की मेड़ से राष्ट्रपति भवन तक — उज्जैन के 13 वर्षीय जयसिंह की प्रेरक कहानी

उज्जैन टाइम्स ब्यूरो
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खेत की मेड़ से राष्ट्रपति भवन तक — उज्जैन के 13 वर्षीय जयसिंह की प्रेरक कहानी


उज्जैन शहर से करीब 17 किलोमीटर दूर कड़छली गांव के किसान परिवार से आने वाले 13 वर्षीय जयसिंह राठौर ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।


जयसिंह ने कक्षा 8वीं में 80% अंक हासिल किए और इसके बाद National Means-cum-Merit Scholarship (NMMS) परीक्षा में पूरे उज्जैन जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के आधार पर उन्हें कक्षा 9 से 12 तक ₹12,000 प्रतिवर्ष, यानी चार वर्षों में कुल ₹48,000 की छात्रवृत्ति मिलेगी।


उनकी प्रतिभा केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रही। जयसिंह ने Maths और English Olympiad में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके लिए उन्हें उज्जैन कलेक्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।


लेकिन इस कहानी का सबसे प्रेरक पहलू है उनका ग्रामीण और सीमित संसाधनों वाला परिवेश। रिपोर्टों के अनुसार, कड़छली में बिजली और शैक्षणिक सुविधाएं सीमित हैं। इसके बावजूद जयसिंह ने खेत की मेड़ तक को पढ़ाई की जगह बनाया और अपनी मेहनत, तार्किक क्षमता और निरंतर अभ्यास को अपनी ताकत बनाया। उनके पिता खुमान सिंह राठौर किसान हैं, जबकि परिवार ने सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दी।


🇮🇳 राष्ट्रपति भवन तक पहुंची प्रतिभा


जयसिंह का चयन 28 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के लिए हुआ, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस कार्यक्रम के लिए देशभर से चयनित प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया था।

यह उपलब्धि केवल जयसिंह और उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि कड़छली गांव और पूरे उज्जैन जिले के लिए गर्व का क्षण है।


🔎 क्यों महत्वपूर्ण?


जयसिंह की कहानी हमें याद दिलाती है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों, महंगी कोचिंग या अत्याधुनिक सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और निरंतर मेहनत हो तो गांव का एक बच्चा भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है।


सबसे बड़ी बात—यह कहानी सिर्फ एक बच्चे की सफलता नहीं है। यह उन हजारों ग्रामीण बच्चों के लिए संदेश है जिनके पास संसाधन सीमित हैं, लेकिन सपने बड़े हैं। 🌱📚✨


कड़छली से राष्ट्रपति भवन तक का यह सफर—उज्जैन की उस प्रतिभा की कहानी है, जिसे देश ने पहचाना। 🇮🇳

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