उज्जैन टाइम्स ब्यूरो
भारत की वैश्विक कॉरपोरेट मौजूदगी बढ़ाने की एक बड़ी आकांक्षा सामने आई है। 15 अगस्त 2026 को लाल किले से दिए गए संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की 50 कंपनियां Fortune Global 500 में होनी चाहिए।
यह लक्ष्य केवल कंपनियों की संख्या बढ़ाने का विषय नहीं है। इसके पीछे भारतीय कंपनियों के वैश्विक स्तर पर बड़ा बनने, अधिक राजस्व अर्जित करने, नए बाजारों में विस्तार करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में अपनी जगह मजबूत करने का व्यापक प्रश्न जुड़ा है।
Fortune Global 500 दुनिया की 500 सबसे बड़ी कंपनियों की वार्षिक सूची है। कंपनियों की रैंकिंग मुख्य रूप से उनके कुल राजस्व (revenue) के आधार पर की जाती है।
इसलिए Fortune Global 500 में जगह बनाना किसी कंपनी के मुनाफे, शेयर बाजार मूल्य या ब्रांड वैल्यू की अकेली रैंकिंग नहीं है। यह मुख्य रूप से यह बताता है कि कंपनी का कारोबार और राजस्व वैश्विक स्तर पर कितना बड़ा है।
Fortune के 2026 संस्करण के अनुसार, Global 500 कंपनियों ने 2025 में कुल $43.1 ट्रिलियन का राजस्व अर्जित किया और दुनिया भर में लगभग 7.02 करोड़ लोगों को रोजगार दिया।
2025 Fortune Global 500 में भारत की नौ कंपनियां शामिल थीं। इनमें पांच सार्वजनिक क्षेत्र और चार निजी क्षेत्र की कंपनियां थीं।
भारतीय कंपनियों की रैंकिंग:
Reliance Industries — Rank 88
Life Insurance Corporation of India (LIC) — Rank 95
Indian Oil Corporation — Rank 127
State Bank of India — Rank 163
Oil & Natural Gas Corporation (ONGC) — Rank 181
HDFC Bank — Rank 258
Tata Motors — Rank 283
Bharat Petroleum Corporation (BPCL) — Rank 285
ICICI Bank — Rank 464
Fortune के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार Reliance Industries 2025 में सबसे ऊंची रैंक वाली भारतीय कंपनी थी। Indian Oil 127वें और State Bank of India 163वें स्थान पर रहे।
यदि 2025 के नौ भारतीय entries को आधार माना जाए, तो 50 कंपनियों तक पहुंचने के लिए 41 अतिरिक्त भारतीय कंपनियों को इस वैश्विक सूची में जगह बनानी होगी। यह संख्या लगभग 5.6 गुना अधिक होगी. लेकिन इसे केवल एक संख्या के रूप में देखना पर्याप्त नहीं है। Fortune Global 500 में जगह बनाने के लिए कंपनियों को ऐसे राजस्व स्तर तक पहुंचना होता है जो दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके।
भारत में बड़ी कंपनियों का आधार कई क्षेत्रों में मौजूद है। आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर विस्तार करने की क्षमता रखने वाले क्षेत्रों में—
सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाएं
बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं
फार्मास्यूटिकल्स
ऑटोमोबाइल और ऑटो-कंपोनेंट
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर
ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स
दूरसंचार
इंफ्रास्ट्रक्चर
इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग
रिटेल और उपभोक्ता व्यवसाय
जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि, किसी क्षेत्र में बड़ा होना और Fortune Global 500 में प्रवेश करना दो अलग बातें हैं। Global 500 का मूल पैमाना राजस्व है।
2025 की भारतीय सूची में पांच सार्वजनिक क्षेत्र की और चार निजी क्षेत्र की कंपनियां थीं। यह भारत के कॉरपोरेट आकार की मिश्रित तस्वीर दिखाती है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में LIC, Indian Oil, SBI, ONGC और BPCL शामिल थीं, जबकि Reliance Industries, HDFC Bank, Tata Motors और ICICI Bank निजी क्षेत्र से थे।
50 कंपनियों का लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़ी भारतीय कंपनियों के साथ-साथ नए और तेजी से बढ़ते कारोबारी समूहों का वैश्विक स्तर पर विस्तार भी महत्वपूर्ण होगा।
एक बड़ी भारतीय कंपनी का केवल घरेलू बाजार में बड़ा होना पर्याप्त नहीं है। Global 500 की प्रकृति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार, निर्यात, विदेशी ग्राहकों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ाव कंपनियों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारत की कंपनियों के लिए चुनौती यह होगी कि वे केवल घरेलू मांग का लाभ लेने के बजाय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पाद, सेवाएं और व्यवसाय मॉडल विकसित करें।
भारत के पास पहले से ही कई बड़े कॉरपोरेट समूह हैं। लेकिन 9 से 50 तक की यात्रा का अर्थ होगा कि बड़ी संख्या में भारतीय कंपनियां अपने वर्तमान आकार से कई गुना बड़ी हों और वैश्विक बाजारों में मजबूत उपस्थिति बनाएं।
इसमें पूंजी, तकनीक, नवाचार, उत्पादकता, कुशल मानव संसाधन, वैश्विक बाजारों तक पहुंच और दीर्घकालिक निवेश जैसे कई कारक महत्वपूर्ण होंगे।
Fortune Global 500 को “दुनिया की 500 सबसे बड़ी कंपनियों की राजस्व-आधारित सूची” समझना चाहिए। इसे दुनिया की 500 “सबसे अच्छी” या “सबसे सफल” कंपनियों की सूची कहना सही नहीं होगा। Fortune की methodology के अनुसार कंपनियों की ranking कुल revenue के आधार पर होती है। इसलिए 9 से 50 का लक्ष्य भारत के लिए एक बड़े corporate-scale ambition के रूप में देखा जा सकता है—जिसकी वास्तविक प्रगति आने वाले वर्षों में Fortune Global 500 की वार्षिक सूचियों से मापी जा सकेगी।
Source: Fortune Global 500; प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संबोधन, 15 अगस्त 2026
❇️ उज्जैन टाइम्स 📰
🕹️आपको रखें आगे 👇
---------------------------------------------------------------------------------------------------------
⏰ Time is insurmountable : कालो हि दुरतिक्रमः! महत्वपूर्ण खबरों के बारे में एक सम्यक दृष्टिकोण !
🛜 Web : https://ujjaintimes.in/
✖️ https://x.com/UjjainTimes
🚩Fb: https://shorturl.at/ViNZD
🔔 Insta: https://shorturl.at/qylr0
❇️ WaAp: https://shorturl.at/dBW1f